Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.122.18: उन राजाओं ने कहा - हे राजन! हे पृथ्वी के स्वामी! हम आपके पौत्र हैं, जो राजा के सभी गुणों और धर्मों से युक्त तथा समस्त सद्गुणों से युक्त हैं। आप हमारे पुण्यों को ग्रहण करके स्वर्ग में चढ़िए॥18॥ | mahabharat अध्याय 5.122: सत्संग एवं दौहित्रोंके पुण्यदानसे ययातिका पुन: स्वर्गारोहण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन राजाओं ने कहा - हे राजन! हे पृथ्वी के स्वामी! हम आपके पौत्र हैं, जो राजा के सभी गुणों और धर्मों से युक्त तथा समस्त सद्गुणों से युक्त हैं। आप हमारे पुण्यों को ग्रहण करके स्वर्ग में चढ़िए॥18॥
Those kings said - O King! O lord of the earth! We are your grandsons, endowed with all the virtues and righteousness of the king, and full of all the good qualities. Please take our good deeds and ascend to heaven.॥ 18॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि गालवचरिते ययातिस्वर्गारोहणे द्वाविंशत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १२२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें गालवचरित्रके प्रसंगमें ययातिका स्वर्गारोहणविषयक एक सौ बाईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १२२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥