Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.121.9-10h: गतिमान प्राणियों में श्रेष्ठ ययाति गिरते समय अपनी गति के कारण चिन्तित हो रहे थे। उसी समय उन्होंने नैमिषारण्य में चार महान राजाओं को देखा और वे उनके बीच गिरने लगे। | mahabharat अध्याय 5.121: ययातिका स्वर्गलोकसे पतन और उनके दौहित्रों, पुत्री तथा गालव मुनिका उन्हें पुन: स्वर्गलोकमें पहुँचानेके लिये अपना-अपना पुण्य देनेके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गतिमान प्राणियों में श्रेष्ठ ययाति गिरते समय अपनी गति के कारण चिन्तित हो रहे थे। उसी समय उन्होंने नैमिषारण्य में चार महान राजाओं को देखा और वे उनके बीच गिरने लगे।
Yayati, the best among the moving creatures, was worried about his speed while falling. At the same time he saw four great kings in Naimisharanya and he started falling among them. 9 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥