Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.121.26-28h: तब उन सभी राजाओं ने अपनी माता के चरणों में सिर झुकाकर प्रणाम किया। उन्होंने स्वर्ग में गए हुए नाना को भी प्रणाम किया और अपनी ऊँची, अनोखी और स्नेहमयी वाणी से पृथ्वी को गुंजायमान करके उनका उद्धार करने के उद्देश्य से उनसे कुछ कहने का निश्चय किया। | mahabharat अध्याय 5.121: ययातिका स्वर्गलोकसे पतन और उनके दौहित्रों, पुत्री तथा गालव मुनिका उन्हें पुन: स्वर्गलोकमें पहुँचानेके लिये अपना-अपना पुण्य देनेके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब उन सभी राजाओं ने अपनी माता के चरणों में सिर झुकाकर प्रणाम किया। उन्होंने स्वर्ग में गए हुए नाना को भी प्रणाम किया और अपनी ऊँची, अनोखी और स्नेहमयी वाणी से पृथ्वी को गुंजायमान करके उनका उद्धार करने के उद्देश्य से उनसे कुछ कहने का निश्चय किया।
Then all those kings bowed their heads at the feet of their mother and bowed down. They also bowed down to Nana who had been taken to heaven and decided to say something to him with the intention of saving him by making the earth resonate with their loud, unique and affectionate voice. 26-27 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥