Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.120.4: वह प्रयाग वन नाना प्रकार के जनपदों के राजाओं से भरा हुआ था और ब्रह्माजी के समान तेजस्वी ब्रह्मर्षियों ने उस स्थान को सब ओर से घेर रखा था।॥4॥ | mahabharat अध्याय 5.120: माधवीका वनमें जाकर तप करना तथा ययातिका स्वर्गमें जाकर सुखभोगके पश्चात् मोहवश तेजोहीन होना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह प्रयाग वन नाना प्रकार के जनपदों के राजाओं से भरा हुआ था और ब्रह्माजी के समान तेजस्वी ब्रह्मर्षियों ने उस स्थान को सब ओर से घेर रखा था।॥4॥
That forest of Prayag was filled with the kings of various districts, and the sages of Brahman, as illustrious as Lord Brahma, surrounded that place from all sides. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥