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mahabharat 5.120.18: नहुष के पुत्र ययाति को देखकर स्वर्गवासी आश्चर्य करने लगे कि 'यह कौन है? यह किस राजा का पुत्र है? और यह स्वर्ग में कैसे आया है?॥18॥   |   mahabharat अध्याय 5.120: माधवीका वनमें जाकर तप करना तथा ययातिका स्वर्गमें जाकर सुखभोगके पश्चात् मोहवश तेजोहीन होना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 120: माधवीका वनमें जाकर तप करना तथा ययातिका स्वर्गमें जाकर सुखभोगके पश्चात् मोहवश तेजोहीन होना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.120.18 
विचारश्च समुत्पन्नो निरीक्ष्य नहुषात्मजम्।
को न्वयं कस्य वा राज्ञ: कथं वा स्वर्गमागत:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
नहुष के पुत्र ययाति को देखकर स्वर्गवासी आश्चर्य करने लगे कि 'यह कौन है? यह किस राजा का पुत्र है? और यह स्वर्ग में कैसे आया है?॥18॥
 
On seeing Yayati, the son of Nahusha, the people of heaven began to wonder, 'Who is he? Which king's son is he? And how has he come to heaven?॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)