श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 12: देवता-नहुष-संवाद, बृहस्पतिके द्वारा इन्द्राणीकी रक्षा तथा इन्द्राणीका नहुषके पास कुछ समयकी अवधि माँगनेके लिये जाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  5.12.25 
बृहस्पतिरुवाच
नहुषं याचतां देवी किंचित् कालान्तरं शुभा।
इन्द्राणी हितमेतद्धि तथास्माकं भविष्यति॥ २५॥
 
 
अनुवाद
बृहस्पतिजी बोले- हे देवताओं! शुभ देवी शची को नहुष से कुछ समय मांग लेना चाहिए। इससे नहुष और हमारा भी कल्याण होगा॥ 25॥
 
Brihaspatiji said- O Gods! The auspicious goddess Sachi should ask Nahush for some time. This will be beneficial for him as well as us.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)