श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 12: देवता-नहुष-संवाद, बृहस्पतिके द्वारा इन्द्राणीकी रक्षा तथा इन्द्राणीका नहुषके पास कुछ समयकी अवधि माँगनेके लिये जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.12.24 
शल्य उवाच
अथ देवा: सगन्धर्वा गुरुमाहुरिदं वच:।
कथं सुनीतं नु भवेन्मन्त्रयस्व बृहस्पते॥ २४॥
 
 
अनुवाद
शल्य कहते हैं - राजन ! तब देवताओं और गन्धर्वों ने गुरु से इस प्रकार कहा - 'बृहस्पति ! कृपया बताइये कि कौन-सा उपाय करने से शुभ फल प्राप्त होगा ?' 24॥
 
Shalya says- Rajan! Then the gods and Gandharvas said to the Guru thus – 'Jupiter! Please advise as to which remedy will be followed which will yield auspicious results?' 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)