Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.12.21: 'उसकी सन्तान अकाल मर जाती है। उसके पितर सदैव नरक में निवास करते हैं। जो भयभीत शरणागत को शत्रु के हवाले कर देता है, उस पर इन्द्र आदि देवता वज्र से आक्रमण करते हैं।'॥21॥ | mahabharat अध्याय 5.12: देवता-नहुष-संवाद, बृहस्पतिके द्वारा इन्द्राणीकी रक्षा तथा इन्द्राणीका नहुषके पास कुछ समयकी अवधि माँगनेके लिये जाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उसकी सन्तान अकाल मर जाती है। उसके पितर सदैव नरक में निवास करते हैं। जो भयभीत शरणागत को शत्रु के हवाले कर देता है, उस पर इन्द्र आदि देवता वज्र से आक्रमण करते हैं।'॥21॥
‘His progeny die prematurely. His forefathers always reside in hell. The one who hands over a frightened refugee to the enemy is attacked by gods like Indra with thunderbolts.'॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥