Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.12.15: हे ऋषियों में श्रेष्ठ ब्राह्मण! मैं नहुष को पति बनाना नहीं चाहती, इसलिए आपकी शरण में आई हूँ। कृपया इस महान भय से मेरी रक्षा कीजिए।॥15॥ | mahabharat अध्याय 5.12: देवता-नहुष-संवाद, बृहस्पतिके द्वारा इन्द्राणीकी रक्षा तथा इन्द्राणीका नहुषके पास कुछ समयकी अवधि माँगनेके लिये जाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नाहमिच्छामि नहुषं पतिं देवर्षिसत्तम।
शरणागतास्मि ते ब्रह्मंस्त्रायस्व महतो भयात्॥ १५॥
अनुवाद
हे ऋषियों में श्रेष्ठ ब्राह्मण! मैं नहुष को पति बनाना नहीं चाहती, इसलिए आपकी शरण में आई हूँ। कृपया इस महान भय से मेरी रक्षा कीजिए।॥15॥
O Brahmin, the best amongst the sages! I do not wish to make Nahush my husband; that is why I have come to you for refuge. Please protect me from this great fear.'॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥