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mahabharat 5.12.10: शल्य ने कहा- युधिष्ठिर! नहुष से ऐसा कहकर ऋषियों सहित सभी देवता इन्द्राणी से यह अशुभ वचन कहने के लिए बृहस्पतिजी के पास गए।   |   mahabharat अध्याय 5.12: देवता-नहुष-संवाद, बृहस्पतिके द्वारा इन्द्राणीकी रक्षा तथा इन्द्राणीका नहुषके पास कुछ समयकी अवधि माँगनेके लिये जाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.12.10 
शल्य उवाच
इत्युक्त्वा तं तदा देवा ऋषिभि: सह भारत।
जग्मुर्बृहस्पतिं वक्तुमिन्द्राणीं चाशुभं वच:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
शल्य ने कहा- युधिष्ठिर! नहुष से ऐसा कहकर ऋषियों सहित सभी देवता इन्द्राणी से यह अशुभ वचन कहने के लिए बृहस्पतिजी के पास गए।
 
Shalya said- Yudhishthira! Having said this to Nahush, all the gods along with the sages went to Brihaspatiji to tell this inauspicious word to Indrani.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)