Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.119.8: हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! मार्ग में हमें एक नदी पार करनी थी। इन छह सौ घोड़ों के साथ चार सौ और घोड़े थे। नदी पार कराते समय वे चार सौ घोड़े वितस्ता (झेलम) की तेज धारा में बह गए। | mahabharat अध्याय 5.119: गालवका छ: सौ घोड़ोंके साथ माधवीको विश्वामित्रजीकी सेवामें देना और उनके द्वारा उसके गर्भसे अष्टक नामक पुत्रकी उत्पत्ति होनेके बाद उस कन्याको ययातिके यहाँ लौटा देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! मार्ग में हमें एक नदी पार करनी थी। इन छह सौ घोड़ों के साथ चार सौ और घोड़े थे। नदी पार कराते समय वे चार सौ घोड़े वितस्ता (झेलम) की तेज धारा में बह गए।
‘O great Brahmin! On the way, we had to cross a river. Along with these six hundred horses, there were four hundred more. While being taken to cross the river, those four hundred horses were swept away in the strong current of Vitasta (Jhelum).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥