Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.119.21-23: उसे गुरुदक्षिणा देकर गरुड़ सहित गालव अत्यन्त संतुष्ट हो गये और राजकुमारी माधवी से इस प्रकार बोले - 'सुन्दरी! तुम्हारा पहला पुत्र दानशील होगा, दूसरा वीर होगा, तीसरा सत्य और धर्म परायण होगा तथा चौथा यज्ञ करने वाला होगा। सुमध्यमे! इन पुत्रों के द्वारा तुमने न केवल अपने पिता का, अपितु उन चारों राजाओं का भी उद्धार किया है। अतः अब हमारे साथ चलो।' | mahabharat अध्याय 5.119: गालवका छ: सौ घोड़ोंके साथ माधवीको विश्वामित्रजीकी सेवामें देना और उनके द्वारा उसके गर्भसे अष्टक नामक पुत्रकी उत्पत्ति होनेके बाद उस कन्याको ययातिके यहाँ लौटा देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे गुरुदक्षिणा देकर गरुड़ सहित गालव अत्यन्त संतुष्ट हो गये और राजकुमारी माधवी से इस प्रकार बोले - 'सुन्दरी! तुम्हारा पहला पुत्र दानशील होगा, दूसरा वीर होगा, तीसरा सत्य और धर्म परायण होगा तथा चौथा यज्ञ करने वाला होगा। सुमध्यमे! इन पुत्रों के द्वारा तुमने न केवल अपने पिता का, अपितु उन चारों राजाओं का भी उद्धार किया है। अतः अब हमारे साथ चलो।'
After giving Gurudakshina to him, Galav along with Garuda became very satisfied and spoke to the princess Madhavi in this manner - 'Beautiful girl! Your first son will be charitable, the second will be a brave man, the third will be devoted to truth and religion and the fourth will perform yagyas. Sumadhyme! Through these sons you have not only saved your father but also those four kings. So now come with us.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥