Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.119.20: तत्पश्चात अष्टक विश्वामित्र की राजधानी में गए, जो चन्द्रपुरी के समान चमक रही थी और विश्वामित्र भी उस कन्या को अपने शिष्य गालव को लौटाकर वन में चले गए। | mahabharat अध्याय 5.119: गालवका छ: सौ घोड़ोंके साथ माधवीको विश्वामित्रजीकी सेवामें देना और उनके द्वारा उसके गर्भसे अष्टक नामक पुत्रकी उत्पत्ति होनेके बाद उस कन्याको ययातिके यहाँ लौटा देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात अष्टक विश्वामित्र की राजधानी में गए, जो चन्द्रपुरी के समान चमक रही थी और विश्वामित्र भी उस कन्या को अपने शिष्य गालव को लौटाकर वन में चले गए।
Thereafter Ashtak went to Viswamitra's capital which shone like Chandrapuri and Viswamitra too returned the girl to his disciple Galav and went to the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥