Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.118.8: हे राजन! जो मनुष्य पुत्र-सुख का भोग करता है, वह स्वर्ग से कभी नीचे नहीं गिराया जाता और न ही वह सन्तानहीन मनुष्य के समान घोर नरक में पड़ता है।॥8॥ | mahabharat अध्याय 5.118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न पुत्रफलभोक्ता हि राजर्षे पात्यते दिव:।
न याति नरकं घोरं यथा गच्छन्त्यनात्मजा:॥ ८॥
अनुवाद
हे राजन! जो मनुष्य पुत्र-सुख का भोग करता है, वह स्वर्ग से कभी नीचे नहीं गिराया जाता और न ही वह सन्तानहीन मनुष्य के समान घोर नरक में पड़ता है।॥8॥
O King! A man who enjoys the virtue of having a son is never thrown down from heaven. And he does not fall into the terrible hell like a man who has no children.' ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥