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mahabharat 5.118.4: हे मनुष्यों के स्वामी! उसके गर्भ से सूर्य और चन्द्रमा के समान तेजस्वी दो पुत्र उत्पन्न करके तुम इस लोक और परलोक में अपने अभीष्ट को प्राप्त करोगे॥ 4॥   |   mahabharat अध्याय 5.118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.118.4 
अस्यां भवानवाप्तार्थो भविता प्रेत्य चेह च।
सोमार्कप्रतिसंकाशौ जनयित्वा सुतौ नृप॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! उसके गर्भ से सूर्य और चन्द्रमा के समान तेजस्वी दो पुत्र उत्पन्न करके तुम इस लोक और परलोक में अपने अभीष्ट को प्राप्त करोगे॥ 4॥
 
O Lord of men! By producing from her womb two radiant sons like the Sun and the Moon, you will attain your desired goals in this world as well as the next.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)