श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.118.21 
उपस्थाय स तं विप्रो गालव: प्रतिगृह्य च।
कन्यां प्रयातस्तां राजन् दृष्टवान् विनतात्मजम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तत्पश्चात् महाबली ब्राह्मण गालव राजा के दरबार में उपस्थित हुए और कन्या को लेकर वहाँ से चले। मार्ग में उन्हें विनतानंदन गरुड़ दिखाई दिए।
 
O King! Thereafter the great Brahmin Galav appeared in the court of the king and took the girl back and left from there. On the way he saw Vinatanandan Garuda.
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि गालवचरिते अष्टादशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें गालवचरित्रविषयक एक सौ अठारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११८॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)