कन्दरेषु च शैलानां नदीनां निर्झरेषु च।
उद्यानेषु विचित्रेषु वनेषूपवनेषु च॥ १८॥
हर्म्येषु रमणीयेषु प्रासादशिखरेषु च।
वातायनविमानेषु तथा गर्भगृहेषु च॥ १९॥
अनुवाद
वह माधवी के साथ पर्वत की गुफाओं में, नदियों के सुन्दर तटों पर, झरनों के आसपास, विचित्र उद्यानों में, वन-उपवनों में, सुन्दर मीनारों में, महलों के शिखरों पर, हवा में उड़ते विमानों में तथा पृथ्वी के अन्दर बने हुए गर्भगृहों में विचरण करता था।
He roamed with Madhavi in mountain caves, on the beautiful banks of rivers, around waterfalls, in strange gardens, in forests and groves, in beautiful towers, on the peaks of palaces, in aircrafts flying in the air and in the sanctum sanctorums built inside the earth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)