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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना
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श्लोक 16
श्लोक
5.118.16
तथा तु बहुधा कन्यामुक्तवन्तं नराधिपम्।
उशीनरं द्विजश्रेष्ठो गालव: प्रत्यपूजयत्॥ १६॥
अनुवाद
इस प्रकार महाबली ब्राह्मण गालवन् ने अनेक प्रकार के न्यायपूर्ण वचन कहने वाले राजा उशीनर की स्तुति की ॥16॥
Thus the great Brahmin Galavan praised King Ushinar who spoke various just words. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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