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mahabharat 5.118.15: अतः आप कृपा करके मुझे यह दिव्य कन्या के समान सुन्दर राजकुमारी दे दीजिए, जिससे पुत्र उत्पन्न हो। मैं उसे स्वीकार करूँगा।॥15॥   |   mahabharat अध्याय 5.118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.118.15 
सोऽहं प्रतिग्रहीष्यामि ददात्वेतां भवान् मम।
कुमारीं देवगर्भाभामेकपुत्रभवाय मे॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अतः आप कृपा करके मुझे यह दिव्य कन्या के समान सुन्दर राजकुमारी दे दीजिए, जिससे पुत्र उत्पन्न हो। मैं उसे स्वीकार करूँगा।॥15॥
 
‘Therefore, please give me this princess, as beautiful as a celestial maiden, just to give birth to a son. I will accept her.'॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)