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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना
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श्लोक 12
श्लोक
5.118.12
अहमप्येकमेवास्यां जनयिष्यामि गालव।
पुत्रं द्विज गतं मार्गं गमिष्यामि परैरहम्॥ १२॥
अनुवाद
अतः हे ब्रह्मर्षि गालव! मैं भी इस कन्या के गर्भ से एक ही पुत्र उत्पन्न करूँगा। मैं भी उसी मार्ग का अनुसरण करूँगा जिस पर अन्य लोग चले हैं॥12॥
‘Therefore Brahmarshi Galav! I will also produce only one son from this girl's womb. I will also follow the path that others have followed.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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