श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 118: उशीनरका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे शिबि नामक पुत्र उत्पन्न करना, गालवका उस कन्याको साथ लेकर जाना और मार्गमें गरुड़का दर्शन करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.118.1 
नारद उवाच
तथैव तां श्रियं त्यक्त्वा कन्या भूत्वा यशस्विनी।
माधवी गालवं विप्रमभ्ययात् सत्यसंगरा॥ १॥
 
 
अनुवाद
नारदजी कहते हैं - तत्पश्चात सत्य का पालन करने में तत्पर रहने वाली वह प्रसिद्ध राजकुमारी माधवी काशी की उस राजसी स्त्री को छोड़कर विप्रवर गालव के साथ चली गई॥1॥
 
Naradji says - After that, that famous princess Madhavi, who was ready to follow the truth, left that royal lady of Kashi and went away with Vipravar Galav. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)