Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.117.4: दिवोदास बोले - हे ब्राह्मण! यह सम्पूर्ण कथा मैं पहले ही सुन चुका हूँ। अब इसे विस्तार से कहने की क्या आवश्यकता है? हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! आपका प्रस्ताव सुनते ही मेरे मन में पुत्र प्राप्ति की इच्छा जागृत हो गई है। | mahabharat अध्याय 5.117: दिवोदासका ययातिकन्या माधवीके गर्भसे प्रतर्दन नामक पुत्र उत्पन्न करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिवोदास बोले - हे ब्राह्मण! यह सम्पूर्ण कथा मैं पहले ही सुन चुका हूँ। अब इसे विस्तार से कहने की क्या आवश्यकता है? हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! आपका प्रस्ताव सुनते ही मेरे मन में पुत्र प्राप्ति की इच्छा जागृत हो गई है।
Divodasa said - O Brahman! I have already heard this entire story. Now what is the need to tell it in detail? O best of Brahmins! As soon as I heard your proposal, the desire to have a son has awakened in my mind. 4.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥