श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 116: हर्यश्वका दो सौ श्यामकर्ण घोड़े देकर ययातिकन्याके गर्भसे वसुमना नामक पुत्र उत्पन्न करना और गालवका इस कन्याके साथ वहाँसे प्रस्थान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.116.9 
सोऽहमेकमपत्यं वै जनयिष्यामि गालव।
अस्यामेतं भवान् कामं सम्पादयतु मे वरम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
अतः गालव! मैं इस कन्या से केवल एक ही संतान उत्पन्न करूँगा। कृपया मेरी यह महान् इच्छा पूर्ण करें।'
 
‘Therefore Galav! I will produce only one child from this girl. Please fulfil this great desire of mine.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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