श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 116: हर्यश्वका दो सौ श्यामकर्ण घोड़े देकर ययातिकन्याके गर्भसे वसुमना नामक पुत्र उत्पन्न करना और गालवका इस कन्याके साथ वहाँसे प्रस्थान  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.116.12 
नृपेभ्यो हि चतुर्भ्यस्ते पूर्णान्यष्टौ शतानि मे।
भविष्यन्ति तथा पुत्रा मम चत्वार एव च॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार यदि तुम चारों राजाओं से दो-दो सौ घोड़े ले लोगे तो तुम्हारे पास आठ सौ घोड़े हो जायेंगे और मेरे भी केवल चार पुत्र होंगे॥12॥
 
In this way, if you take two hundred horses from each of the four kings, you will have eight hundred horses and I too will have only four sons.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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