Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.115.7: हे देवराज गरुड़! इस स्थिति में भी मैं आपके आगमन को निष्फल नहीं कर सकता और न ही मैं इस ब्रह्मर्षि की आशा को विफल करना चाहता हूँ॥ 7॥ | mahabharat अध्याय 5.115: राजा ययातिका गालवको अपनी कन्या देना और गालवका उसे लेकर अयोध्यानरेशके यहाँ जाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न च शक्तोऽस्मि ते कर्तुं मोघमागमनं खग।
न चाशामस्य विप्रर्षेर्वितथीकर्तुमुत्सहे॥ ७॥
अनुवाद
हे देवराज गरुड़! इस स्थिति में भी मैं आपके आगमन को निष्फल नहीं कर सकता और न ही मैं इस ब्रह्मर्षि की आशा को विफल करना चाहता हूँ॥ 7॥
O celestial Garuda! Even in this condition I am unable to make your arrival fruitless and I do not wish to thwart the hopes of this Brahmarshi either.॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥