Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.113.15: ‘आचरण से ही धर्म सफल होता है, आचरण से ही धन का फल मिलता है, आचरण से ही मनुष्य को धन मिलता है और आचरण से ही अशुभ शकुनों का नाश होता है।॥15॥ | mahabharat अध्याय 5.113: ऋषभ पर्वतके शिखरपर महर्षि गालव और गरुड़की तपस्विनी शाण्डिलीसे भेंट तथा गरुड़ और गालवका गुरुदक्षिणा चुकानेके विषयमें परस्पर विचार । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘आचरण से ही धर्म सफल होता है, आचरण से ही धन का फल मिलता है, आचरण से ही मनुष्य को धन मिलता है और आचरण से ही अशुभ शकुनों का नाश होता है।॥15॥
‘Conduct alone makes religion successful, conduct alone brings the fruit of wealth, conduct alone brings wealth to a man and conduct alone destroys inauspicious omens.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥