Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.113.14: ‘सम्पूर्ण अशुभ लक्षणों से रहित होकर, निर्दोष रहकर तथा धर्म के मार्ग पर चलते हुए मैंने यह परम सिद्धि प्राप्त की है।॥14॥ | mahabharat अध्याय 5.113: ऋषभ पर्वतके शिखरपर महर्षि गालव और गरुड़की तपस्विनी शाण्डिलीसे भेंट तथा गरुड़ और गालवका गुरुदक्षिणा चुकानेके विषयमें परस्पर विचार । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘सम्पूर्ण अशुभ लक्षणों से रहित होकर, निर्दोष रहकर तथा धर्म के मार्ग पर चलते हुए मैंने यह परम सिद्धि प्राप्त की है।॥14॥
‘By being free from all inauspicious signs and by remaining blameless and by following the path of righteousness I have achieved this supreme success.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥