श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 112: गरुड़की पीठपर बैठकर पूर्व दिशाकी ओर जाते हुए गालवका उनके वेगसे व्याकुल होना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.112.22 
तदेष ऋषभो नाम पर्वत: सागरान्तिके।
अत्र विश्रम्य भुक्त्वा च निवर्तिष्याव गालव॥ २२॥
 
 
अनुवाद
गालव! समुद्र के पास ऋषभ नाम का यह पर्वत है, वहाँ हम दोनों विश्राम करेंगे, भोजन करेंगे और फिर लौटेंगे।'
 
Gaalava! There is this mountain called Rishabh near the sea, where we both will rest and have food and then return.'
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि गालवचरिते द्वादशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें गालवचरित्रविषयक एक सौ बारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११२॥

 
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