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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 112: गरुड़की पीठपर बैठकर पूर्व दिशाकी ओर जाते हुए गालवका उनके वेगसे व्याकुल होना
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श्लोक 21
श्लोक
5.112.21
किमहं पूर्वमेवेह भवता नाभिचोदित:।
उपायोऽत्र महानस्ति येनैतदुपपद्यते॥ २१॥
अनुवाद
तुमने मुझे यह बात पहले क्यों नहीं बताई? मेरे पास एक बढ़िया तरकीब है जिससे यह काम पूरा हो सकता है।'
‘Why did you not tell me this earlier? I have a great idea by which this task can be accomplished.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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