हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! मैं तुम्हें सम्पूर्ण पृथ्वी और सम्पूर्ण दिशाएँ दिखाने के लिए तैयार हूँ; अतः तुम मेरी पीठ पर बैठो।
O best of Brahmins! I am ready to show you the whole earth and all directions; therefore, please sit on my back.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि गालवचरिते एकादशाधिकशततमोऽध्याय:॥ १११॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें गालवचरित्रविषयक एक सौ ग्यारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १११॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥