Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.110.20: हे ब्राह्मणश्रेष्ठ गालव! इस प्रकार मैंने तुम्हें पश्चिम दिशा का मार्ग संक्षेप में बताया। अब बताओ, तुम्हारी क्या राय है? हम दोनों को किस दिशा में जाना चाहिए?॥20॥   |   mahabharat अध्याय 5.110: पश्चिमदिशाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 110: पश्चिमदिशाका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.110.20 
एष ते पश्चिमो मार्गो दिग्द्वारेण प्रकीर्तित:।
ब्रूहि गालव गच्छावो बुद्धि: का द्विजसत्तम॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ गालव! इस प्रकार मैंने तुम्हें पश्चिम दिशा का मार्ग संक्षेप में बताया। अब बताओ, तुम्हारी क्या राय है? हम दोनों को किस दिशा में जाना चाहिए?॥20॥
 
O best of Brahmins, Galava! Thus I have briefly told you the way to the west. Now tell me, what is your opinion? In which direction should we both go?॥20॥
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि गालवचरिते दशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें गालवचरित्रविषयक एक सौ दसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११०॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)