Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.109.6: द्विजश्रेष्ठ! इस दिशा में (चित्रगुप्त आदि द्वारा) धर्मराज के निकटस्थ प्राणियों के धर्म, सत्य और साधारण कर्मों के विषय में कहा गया है। मृत प्राणी और उनके कर्म इसी दिशा में आश्रय लेते हैं। 6॥ | mahabharat अध्याय 5.109: दक्षिणदिशाका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्विजश्रेष्ठ! इस दिशा में (चित्रगुप्त आदि द्वारा) धर्मराज के निकटस्थ प्राणियों के धर्म, सत्य और साधारण कर्मों के विषय में कहा गया है। मृत प्राणी और उनके कर्म इसी दिशा में आश्रय लेते हैं। 6॥
Dwijshreshtha! In this direction (by Chitragupta etc.) it is said about the religion, truth and ordinary deeds of the creatures close to Dharmaraj. Dead beings and their deeds take shelter in this direction. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥