Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.109.14: गालव! इसी दिशा में पापी लोग नरक की अग्नि में पकाए जाते हैं। दक्षिण दिशा में ही वैतरणी नदी है, जो वैतरणी नरक में जानेवाले पापियों से घिरी हुई है॥14॥ | mahabharat अध्याय 5.109: दक्षिणदिशाका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अत्र दुष्कृतकर्माणो नरा: पच्यन्ति गालव।
अत्र वैतरणी नाम नदी वितरणैर्वृता॥ १४॥
अनुवाद
गालव! इसी दिशा में पापी लोग नरक की अग्नि में पकाए जाते हैं। दक्षिण दिशा में ही वैतरणी नदी है, जो वैतरणी नरक में जानेवाले पापियों से घिरी हुई है॥14॥
Galav! In this direction the sinful people are cooked in the fire of hell. In the south itself is the river Vaitarni, which is surrounded by sinners destined for the Vaitarni hell.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥