Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.107.18: ब्रह्मन्! मेरी सबसे बड़ी महिमा इन्द्र के छोटे भाई भगवान विष्णु हैं। मैंने पहले भी तुम्हारे लिए उनसे प्रार्थना की थी और उन्होंने मेरी प्रार्थना स्वीकार करके मेरी इच्छा पूरी की थी॥ 18॥ | mahabharat अध्याय 5.107: गालवकी चिन्ता और गरुड़का आकर उन्हें आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विभवश्चास्ति मे विप्र वासवावरजो द्विज।
पूर्वमुक्तस्त्वदर्थं च कृत: कामश्च तेन मे॥ १८॥
अनुवाद
ब्रह्मन्! मेरी सबसे बड़ी महिमा इन्द्र के छोटे भाई भगवान विष्णु हैं। मैंने पहले भी तुम्हारे लिए उनसे प्रार्थना की थी और उन्होंने मेरी प्रार्थना स्वीकार करके मेरी इच्छा पूरी की थी॥ 18॥
Brahman! My greatest glory is Lord Vishnu, the younger brother of Indra. I had earlier prayed to him for you and he had accepted my prayer and fulfilled my wish.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥