Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.106.7: विद्वान लोग इस प्राचीन इतिहास का उल्लेख करते हैं, जिससे ज्ञात होता है कि महर्षि गालवन हठ या हठ के कारण पराजित हुए थे।   |   mahabharat अध्याय 5.106: नारदजीका दुर्योधनको समझाते हुए धर्मराजके द्वारा विश्वामित्रजीकी परीक्षा तथा गालवके विश्वामित्रसे गुरुदक्षिणा माँगनेके लिये हठका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 106: नारदजीका दुर्योधनको समझाते हुए धर्मराजके द्वारा विश्वामित्रजीकी परीक्षा तथा गालवके विश्वामित्रसे गुरुदक्षिणा माँगनेके लिये हठका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.106.7 
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
यथा निर्बन्धत: प्राप्तो गालवेन पराजय:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
विद्वान लोग इस प्राचीन इतिहास का उल्लेख करते हैं, जिससे ज्ञात होता है कि महर्षि गालवन हठ या हठ के कारण पराजित हुए थे।
 
Learned persons refer to this ancient history, from which it is known that Maharishi Galavan was defeated due to obstinacy or stubbornness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)