Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.106.4: वैशम्पायन बोले - राजन! भगवान वेदव्यास ने भी दुर्योधन को उसके कल्याण के विषय में बताया। भीष्म ने भी उसे उचित कर्तव्य का उपदेश दिया। इसके अतिरिक्त नारद जी ने भी अनेक प्रकार के उपदेश दिए। उन सब को सुनो। | mahabharat अध्याय 5.106: नारदजीका दुर्योधनको समझाते हुए धर्मराजके द्वारा विश्वामित्रजीकी परीक्षा तथा गालवके विश्वामित्रसे गुरुदक्षिणा माँगनेके लिये हठका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन बोले - राजन! भगवान वेदव्यास ने भी दुर्योधन को उसके कल्याण के विषय में बताया। भीष्म ने भी उसे उचित कर्तव्य का उपदेश दिया। इसके अतिरिक्त नारद जी ने भी अनेक प्रकार के उपदेश दिए। उन सब को सुनो।
Vaishmpayana said - King! Lord Vedvyas also spoke to Duryodhan about his welfare. Bhishma also told him about the right duty. Apart from this, Narad also gave various types of advice. Listen to all of them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥