Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.106.23: दक्षिणा देने वाले को ही स्वर्ग में यज्ञ का फल मिलता है। वेदों में दक्षिणा को ही शांतिदायक बताया गया है। अतः पूज्य गुरुदेव! बताइए मैं क्या गुरुदक्षिणा लाऊँ? 23॥ | mahabharat अध्याय 5.106: नारदजीका दुर्योधनको समझाते हुए धर्मराजके द्वारा विश्वामित्रजीकी परीक्षा तथा गालवके विश्वामित्रसे गुरुदक्षिणा माँगनेके लिये हठका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दक्षिणा देने वाले को ही स्वर्ग में यज्ञ का फल मिलता है। वेदों में दक्षिणा को ही शांतिदायक बताया गया है। अतः पूज्य गुरुदेव! बताइए मैं क्या गुरुदक्षिणा लाऊँ? 23॥
Only the person who gives Dakshina gets the fruits of Yagya in heaven. In the Vedas only Dakshina has been described as peaceful. So respected Gurudev! Tell me what Gurudakshina should I bring? 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥