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mahabharat 5.105.16: विष्णो! अदिति के गर्भ से उत्पन्न हुए बल और पराक्रम से सुशोभित समस्त देवताओं में बल की दृष्टि से आप सबसे अधिक शक्तिशाली हैं॥16॥   |   mahabharat अध्याय 5.105: भगवान‍् विष्णुके द्वारा गरुड़का गर्वभंजन तथा दुर्योधनद्वारा कण्व मुनिके उपदेशकी अवहेलना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.105.16 
अदित्यां य इमे जाता बलविक्रमशालिन:।
त्वमेषां किल सर्वेषां बलेन बलवत्तर:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
विष्णो! अदिति के गर्भ से उत्पन्न हुए बल और पराक्रम से सुशोभित समस्त देवताओं में बल की दृष्टि से आप सबसे अधिक शक्तिशाली हैं॥16॥
 
Vishno! Of all the gods adorned with strength and bravery who were born from Aditi's womb, you are the most powerful in terms of strength. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)