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mahabharat 5.105.1: कण्व मुनि कहते हैं - हे भारत! महाबली गरुड़ ने यह सब कथा ठीक-ठीक सुन ली कि इन्द्र ने महासर्प को दीर्घायु प्रदान की है।   |   mahabharat अध्याय 5.105: भगवान‍् विष्णुके द्वारा गरुड़का गर्वभंजन तथा दुर्योधनद्वारा कण्व मुनिके उपदेशकी अवहेलना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.105.1 
कण्व उवाच
गरुडस्तत्र शुश्राव यथावृत्तं महाबल:।
आयु:प्रदानं शक्रेण कृतं नागस्य भारत॥ १॥
 
 
अनुवाद
कण्व मुनि कहते हैं - हे भारत! महाबली गरुड़ ने यह सब कथा ठीक-ठीक सुन ली कि इन्द्र ने महासर्प को दीर्घायु प्रदान की है।
 
Kanva Muni says- India! The mighty Garuda heard the entire story accurately that Indra had granted long life to the great serpent. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)