Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.104.7: हे महामुनि आर्यक! यदि आपको यह सम्बन्ध बहुत रुचिकर लगे तो आपको शीघ्र ही उनकी पुत्री से विवाह करने का निश्चय कर लेना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 5.104: नारदजीका नागराज आर्यकके सम्मुख सुमुखके साथ मातलिकी कन्याके विवाहका प्रस्ताव एवं मातलिका नारदजी, सुमुख एवं आर्यकके साथ इन्द्रके पास आकर उनके द्वारा सुमुखको दीर्घायु प्रदान कराना तथा सुमुख-गुणकेशी-विवाह   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 104: नारदजीका नागराज आर्यकके सम्मुख सुमुखके साथ मातलिकी कन्याके विवाहका प्रस्ताव एवं मातलिका नारदजी, सुमुख एवं आर्यकके साथ इन्द्रके पास आकर उनके द्वारा सुमुखको दीर्घायु प्रदान कराना तथा सुमुख-गुणकेशी-विवाह  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.104.7 
यदि ते रोचते सम्यग् भुजगोत्तम मा चिरम्।
क्रियतामार्यक क्षिप्रं बुद्धि: कन्यापरिग्रहे॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे महामुनि आर्यक! यदि आपको यह सम्बन्ध बहुत रुचिकर लगे तो आपको शीघ्र ही उनकी पुत्री से विवाह करने का निश्चय कर लेना चाहिए।
 
O great sage Aryaka! If you find this relation very interesting then you should decide to marry his daughter soon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)