Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.104.4: जिन शत्रुओं को वे अपने घोड़ों द्वारा जीतते हैं, उन्हें देवराज इन्द्र अपने बाहुबल से परास्त कर देते हैं। उनके पहले आक्रमण करने पर ही, बल का संहार करने वाले इन्द्र शत्रुओं पर आक्रमण करते हैं॥ 4॥ | mahabharat अध्याय 5.104: नारदजीका नागराज आर्यकके सम्मुख सुमुखके साथ मातलिकी कन्याके विवाहका प्रस्ताव एवं मातलिका नारदजी, सुमुख एवं आर्यकके साथ इन्द्रके पास आकर उनके द्वारा सुमुखको दीर्घायु प्रदान कराना तथा सुमुख-गुणकेशी-विवाह । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिन शत्रुओं को वे अपने घोड़ों द्वारा जीतते हैं, उन्हें देवराज इन्द्र अपने बाहुबल से परास्त कर देते हैं। उनके पहले आक्रमण करने पर ही, बल का संहार करने वाले इन्द्र शत्रुओं पर आक्रमण करते हैं॥ 4॥
The enemies whom they conquer with their horses are defeated by Devraj Indra with his arm strength. Only after they attack first, Indra, the destroyer of strength, attacks the enemies.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥