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न मे नैतद् बहुमतं महर्षे वचनं तव।
सखा शक्रस्य संयुक्त: कस्यायं नेप्सितो भवेत्॥ १४॥
अनुवाद
महर्षे! मेरी दृष्टि में आपके इस वचन का भी कम आदर नहीं है और ये स्त्रियाँ तो इन्द्र की सखियाँ हैं जो उनके साथ रहती हैं; अतः यह बात किसे अच्छी नहीं लगेगी?
Maharshe! In my view, this word of yours has no less respect and these women are the friends of Indra who lives with him; So, who will not like this?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥