Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.103.7: किसी के दो सिर होते हैं, किसी के पाँच सिर होते हैं, किसी के सात मुख होते हैं। किसी के बड़े-बड़े फन होते हैं, किसी का शरीर लम्बा होता है, तो किसी का शरीर पर्वतों के समान भारी होता है।   |   mahabharat अध्याय 5.103: नागलोकके नागोंका वर्णन और मातलिका नागकुमार सुमुखके साथ अपनी कन्याको ब्याहनेका निश्चय   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 103: नागलोकके नागोंका वर्णन और मातलिका नागकुमार सुमुखके साथ अपनी कन्याको ब्याहनेका निश्चय  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.103.7 
द्विपञ्चशिरस: केचित् केचित् सप्तमुखास्तथा।
महाभोगा महाकाया: पर्वताभोगभोगिन:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
किसी के दो सिर होते हैं, किसी के पाँच सिर होते हैं, किसी के सात मुख होते हैं। किसी के बड़े-बड़े फन होते हैं, किसी का शरीर लम्बा होता है, तो किसी का शरीर पर्वतों के समान भारी होता है।
 
Some have two heads, some have five heads and some have seven faces. Some have big hoods, some have long bodies and some have bodies as bulky as mountains.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)