Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.103.26: मैं इससे बहुत प्रसन्न हूँ। तुम्हें इसके लिए प्रयत्न करना चाहिए। मुनि! मैं अपनी प्रिय कन्या इस सर्प को देना चाहता हूँ।॥26॥ | mahabharat अध्याय 5.103: नागलोकके नागोंका वर्णन और मातलिका नागकुमार सुमुखके साथ अपनी कन्याको ब्याहनेका निश्चय । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं इससे बहुत प्रसन्न हूँ। तुम्हें इसके लिए प्रयत्न करना चाहिए। मुनि! मैं अपनी प्रिय कन्या इस सर्प को देना चाहता हूँ।॥26॥
I am very pleased with this. You should make efforts for this. Muni! I want to give my beloved daughter to this snake.'॥ 26॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि मातलिवरान्वेषणे त्र्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १०३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें मातलिके द्वारा वरका खोजविषयक एक सौ तीनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥