Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.101.9-15: सुवर्णचूड़, नागशि, दारुण, चंडतुंडक, अनिल, अनल, विशालाक्ष, कुंडली, पंकजित, वज्रविष्कंभ, वनतेय, वामन, वातवेग, दिशाचक्षु, निमेष, अनिमिष, त्रिराव, सप्तराव, वाल्मिकी, द्वीपक, दैत्यद्वीप, सारिद्वीप, सारस, पद्मकेतन, सुमुख, चित्रकेतु, चित्रबर्ह, अनघ, मेशाहृत, कुमुद। दक्ष, सर्पन्त, सहभोजन, गुरुभार, कपोत, सूर्यनेत्र, चिरान्तक, विष्णुधर्मा, कुमार, परिबार्ह, हरि, सुस्वर, मधुपर्क, हेमवर्ण, मलय, मातृश्व, निशाकर और दिवाकर। इस प्रकार मैंने संक्षेप में गरुड़ की इन प्रमुख संतानों का वर्णन किया है। उन सभी को यशस्वी एवं पराक्रमी बताया गया है। 9-15॥ | mahabharat अध्याय 5.101: गरुड़लोक तथा गरुड़की संतानोंका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुवर्णचूड़, नागशि, दारुण, चंडतुंडक, अनिल, अनल, विशालाक्ष, कुंडली, पंकजित, वज्रविष्कंभ, वनतेय, वामन, वातवेग, दिशाचक्षु, निमेष, अनिमिष, त्रिराव, सप्तराव, वाल्मिकी, द्वीपक, दैत्यद्वीप, सारिद्वीप, सारस, पद्मकेतन, सुमुख, चित्रकेतु, चित्रबर्ह, अनघ, मेशाहृत, कुमुद। दक्ष, सर्पन्त, सहभोजन, गुरुभार, कपोत, सूर्यनेत्र, चिरान्तक, विष्णुधर्मा, कुमार, परिबार्ह, हरि, सुस्वर, मधुपर्क, हेमवर्ण, मलय, मातृश्व, निशाकर और दिवाकर। इस प्रकार मैंने संक्षेप में गरुड़ की इन प्रमुख संतानों का वर्णन किया है। उन सभी को यशस्वी एवं पराक्रमी बताया गया है। 9-15॥
Suvarnachud, Nagashi, Darun, Chandtundak, Anil, Anal, Vishalaksh, Kundali, Pankajit, Vajravishkambh, Vanateya, Vaman, Vaatveg, Dishachakshu, Nimesh, Animish, Trirao, Saptrao, Valmiki, Dweepak, Daityadweep, Sariddweep, Saras, Padmaketan, Sumukh, Chitraketu, Chitrabarh, Anagh, Meshahrit, Kumud, Daksh, Sarpant, Sahabhojan, Gurubhar, Kapot, Suryanetra, Chirantak, Vishnudharma, Kumar, Paribarh, Hari, Susvar, Madhupark, Hemvarna, Malay, Matrishva, Nishakar and Diwakar. In this way I have briefly described these main children of Garuda. All of them are described as successful and mighty. 9-15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥