श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 100: हिरण्यपुरका दिग्दर्शन और वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.100.11 
पार्थिवानीव चाभान्ति पद्मरागमयानि च।
शैलानीव च दृश्यन्ते दारवाणीव चाप्युत॥ ११॥
 
 
अनुवाद
इनमें से कुछ मिट्टी के बने हुए प्रतीत होते हैं, कुछ कमल के रंग के रत्नों से बने हुए प्रतीत होते हैं, कुछ घर पत्थर के और कुछ लकड़ी के बने हुए प्रतीत होते हैं ॥11॥
 
Some of these appear to be made of clay, some appear to be made of lotus-coloured gems, some houses appear to be made of stones and some of wood. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)