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mahabharat 5.10.9: हे श्रेष्ठ! आप इन्द्रसहित समस्त देवताओं के आश्रय हों। असुरसूदन! वृत्रासुर ने इस सम्पूर्ण जगत पर आक्रमण कर दिया है। 9॥   |   mahabharat अध्याय 5.10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान‍् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.10.9 
गतिर्भव त्वं देवानां सेन्द्राणाममरोत्तम।
जगद् व्याप्तमिदं सर्वं वृत्रेणासुरसूदन॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ! आप इन्द्रसहित समस्त देवताओं के आश्रय हों। असुरसूदन! वृत्रासुर ने इस सम्पूर्ण जगत पर आक्रमण कर दिया है। 9॥
 
Best! May you be the shelter of all the gods including Indra. Asursudan! Vritrasura has invaded this entire world. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)