Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.10.27: शल्य कहते हैं - हे राजन! महर्षियों के ये वचन सुनकर महाबली वृत्र ने उनसे कहा - 'भगवन्! आप जैसे तपस्वी मेरे लिए अवश्य ही आदर के योग्य हैं। | mahabharat अध्याय 5.10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शल्य कहते हैं - हे राजन! महर्षियों के ये वचन सुनकर महाबली वृत्र ने उनसे कहा - 'भगवन्! आप जैसे तपस्वी मेरे लिए अवश्य ही आदर के योग्य हैं।
Shalya says - O King! On hearing these words of the great sages, the mighty Vritra said to them - 'Lord! An ascetic like you is certainly worthy of respect for me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥