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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना
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श्लोक 26
श्लोक
5.10.26
तेन ते सह शक्रेण संधिर्भवतु नित्यदा।
एवं विश्वासमागच्छ मा तेऽभूद् बुद्धिरन्यथा॥ २६॥
अनुवाद
ऐसे इन्द्र के साथ तुम्हारी स्थायी संधि हो जाएगी। इस प्रकार तुम उसका विश्वास प्राप्त कर लोगे। तुम्हें अन्यथा नहीं सोचना चाहिए॥26॥
You will have a permanent treaty with such an Indra. In this way you will gain his trust. You should not think otherwise.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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