Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.10.24: सज्जनों की संगति बलवान और चिरस्थायी होती है। धैर्यवान संत और महापुरुष संकटकाल में केवल कल्याणकारी कर्तव्यों का ही उपदेश देते हैं। सत्पुरुषों की संगति से महान् मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसलिए बुद्धिमान पुरुष को सज्जनों का नाश करने की इच्छा नहीं करनी चाहिए॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 5.10: इन्द्रसहित देवताओंका भगवान् विष्णुकी शरणमें जाना और इन्द्रका उनके आज्ञानुसार वृत्रासुरसे संधि करके अवसर पाकर उसे मारना एवं ब्रह्महत्याके भयसे जलमें छिपना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सज्जनों की संगति बलवान और चिरस्थायी होती है। धैर्यवान संत और महापुरुष संकटकाल में केवल कल्याणकारी कर्तव्यों का ही उपदेश देते हैं। सत्पुरुषों की संगति से महान् मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसलिए बुद्धिमान पुरुष को सज्जनों का नाश करने की इच्छा नहीं करनी चाहिए॥ 24॥
The company of gentlemen is strong and long-lasting. Patient saints and great men preach only beneficial duties in times of crisis. The company of virtuous men helps one achieve great desired things. Therefore, a wise man should not wish to destroy gentlemen.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥